शाम एक छोटे से घर मैं
किलकारी गूंजी थी
नया मेहमान अभी अभी
गरब की सीडियूं से
माँ की गोद के फर्श पर
लोट रहा था ।
एक आवाज़ कानूं में गूंजी
लड़का है या लड़की??
मेहमान गहरी सोंच में
यह समझने की कोशिश करने लगा
खातिरदारी में फर्क है
किसी ने बताया क्यूँ नहीं ?
वोही बन के आ जाता
जिस का स्वागत हो बालाईयुं से
जिस की एक हंसी पे वार देते सारा जहाँ
जिस के लड़खड़ाते कदम ज़मीन पे पड़ते ही
सारा घर उथल पुथल हो जाता
किसी ने बताया क्यूँ नहीं ????