Friday, February 10, 2023

  कौन हो तुम?


तुम पास हो ,

मगर हो भी नहीं।

तुम सांसो में बसे हो,

मगर हो भी नहीं। 

तुम दिल का दर्द हो,

मगर हो भी नहीं। 

तुम जिस्म की हरारत हो ,

मगर हो भी नहीं।

तुम सूरज की पहली किरण हो,

मगर हो भी नहीं। 

कौन हो तुम  

जो इस तरह मुझे घेर रहे हो ?


1 comment:

  1. So, so glad that you have started blogging again. Now don't stop. Love you lots!

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